कोई तुमसे पूछे — कौन हूँ मैं,
कह देना — दोस्त हूँ, सच्चा सा, अपना सा। 🤝
खड़ा रहता है ढाल बनकर,
हर मुश्किल में — बिना कहे, तेरे सिर का दर्द बनकर। 😄
हँसते-रोते हर जज़्बात में,
साथ देता है — आधी रात में भी बात में। 🌙
कोई साथ न दे, हर रिश्ता निभाता है,
खुश रखता है — दुखों में भी मुस्कान लाता है। 😊
जैसा भी वक्त आए —
कभी बाप, कभी माँ, कभी यार,
कभी झगड़ू बनकर भी करता है प्यार। ❤️
यादों में बसा हर प्यारा पल,
सुख-दुख में साथी, कभी अलग नहीं।
वो मेरी बगिया का फूलों का —
गुच्छा है, अच्छा है, सच्चा अपना सा। 🌸
कभी लड़ाई भी हो, तो भी दिल न टूटे,
हर हँसी, हर आँसू, हर पल —
सच्चा, अपना सा, भरोसे का साथ न छूटे। 💫
मेरा नहीं है वो,
पर हर मुश्किल में किनारा है, सहारा है,
लगता है — उसी से हौसला है,
मुस्कान है मेरी, मेरे आसमान का तारा है। 🌟
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