Sunday, 21 June 2026

हैप्पी फादर्स डे

जब पिता रोता है,
तब बच्चों की आँखों में सपने पलते हैं।

जब पिता अपनी इच्छाएँ मारता है,
तब बच्चों की ख्वाहिशें पूरी हो पाती हैं।

जब पिता दिन-रात मेहनत करता है,
तब बच्चों को सुकून का जीवन मिल पाता है।

जब पिता जिम्मेदारियों का बोझ उठाता है,
तब बच्चों के कंधे हल्के रह पाते हैं।

जब पिता रातों को चिंता में जागता है,
तब बच्चे बेफ़िक्र होकर सो पाते हैं।

जब पिता अपने दर्द छुपाता है,
तब बच्चों के चेहरों पर मुस्कान बनी रहती है।

जब पिता अपनी खुशियाँ कुर्बान करता है,
तब बच्चों की खुशियाँ त्योहार बन जाती हैं।

जब पिता धूप में जलता है,
तब बच्चों को छाँव नसीब होती है।

जब पिता फटे जूतों में सफ़र करता है,
तब बच्चों के कदम मंज़िल तक पहुँच पाते हैं।

जब पिता झोपड़ी में गुज़ारा करता है,
तब बच्चे पक्के मकानों के सपने जी पाते हैं।

जब पिता अपनी पूरी उम्र खपा देता है,
तब बच्चों का भविष्य संवर पाता है।

जब पिता चुपचाप दुख सहता जाता है,
तब परिवार हँसता-मुस्कुराता नज़र आता है।

पिता का जीवन बड़ा अजीब होता है,
पर हर बच्चा खुशनसीब होता है,
जिसके सिर पर पिता का साया होता है।

जो पिता पूरे परिवार का सहारा होता है,
अक्सर अंत में वही सबसे ज़्यादा हारा हुआ होता है।

🙏 हैप्पी फादर्स डे 💐

Tuesday, 9 June 2026

प्यार में अभिव्यक्ति ज़रूरी होती है

जैसे जीवन को साँसों का आधार होता है,
कोपलों को बारिश का इंतज़ार होता है,
वैसे ही हर रिश्ते का अपना श्रृंगार होता है,
और प्यार में इज़हार ज़रूरी होता है।

जैसे सूरज की पहचान उसकी रोशनी होती है,
चंदा की सुंदरता उसकी चाँदनी होती है,
भावनाओं की भी अपनी एक कहानी होती है,
और प्यार को अभिव्यक्ति ज़रूरी होती है।

चेहरे पर नूर का होना अच्छा लगता है,
होंठों को शब्दों का मिलना सच्चा लगता है,
दिल का हर भाव तभी पूरा लगता है,
जब प्रेम को बयां करना ज़रूरी होता है।

जैसे बारिश का सफ़र सागर तक पूरा होता है,
सागर का अस्तित्व नदियों से गहरा होता है,
हर भावना का कोई न कोई किनारा होता है,
वैसे ही प्यार को शब्दों का सहारा ज़रूरी होता है।

कभी भावनाएँ नहीं, शब्द ज़रूरी होते हैं,
उन्हीं से एहसास और गहरे होते हैं,
रिश्तों के बंधन और सुनहरे होते हैं,
जब प्रेम में मीठे बोल ज़रूरी होते हैं।

दिल में प्रेम छिपाकर रखना भी मोहब्बत है,
पर उसे जताना भी तो इबादत है,
यही रिश्तों की सबसे सुंदर आदत है,
कि प्यार को स्वर देना ज़रूरी होता है।

अनकहे जज़्बात भी अनमोल होते हैं,
पर कहे हुए शब्द दिल के और क़रीब होते हैं,
मोहब्बत के फूल तभी पूरी तरह खिलते हैं,
जब प्यार में एहसास कराना ज़रूरी होता है। 

— हेमंत शर्मा ✍🏻✍🏻

अब उसी से मेरा पता पूछ रहा हूँ

अब मैं परेशान होने लगा हूँ,
खुद पर से कंट्रोल खोने लगा हूँ।
कभी देखे थे बड़े सपने मैंने भी,
उन्हें हालातों के हवाले करने लगा हूँ।

मुझे लगा मैं परिपक्व हो गया अब,
पर और ज़्यादा समझाने लगे लोग।
हर किसी के ज्ञान के आगे,
अपने आप को अज्ञानी समझने लगा हूँ।

कभी जिन फैसलों पर गर्व था मुझे,
अब उन्हीं पर सवाल करने लगा हूँ।
जो राह सही लगती थी कल तक,
आज उसी से डरने लगा हूँ।

सबको खुश रखने की कोशिश में,
अपनी ही ख़ुशी भुलाने लगा हूँ।
दुनिया की आवाज़ सुनते-सुनते,
अपने दिल को चुप कराने लगा हूँ।

सब मुझे तो सहारा समझने लगे हैं,
मुझे पकड़ आगे बढ़ने में लगे हैं।
सबको आगे पहुँचाने की दौड़ में,
अब मैं खुद पिछड़ने लगा हूँ।

तजुर्बा तो खूब कमा लिया,
पर बचा वक़्त अपना घटा लिया।
अब लगे हैं हाथों में चने,
पर खाने को टूटते दाँत बचा रहा हूँ।

जिन रिश्तों को सींचा बरसों तक,
उनमें अपना हिस्सा कम पाता हूँ।
सबकी ज़रूरत बनते-बनते,
मैं खुद को ही भूलने लगा हूँ।

उम्र ने समझ तो बहुत दी है,
पर कुछ मासूमियत छीन ली है।
जीतने की चाह में दौड़-दौड़ कर,
अपने सफ़र की राह भूलने लगा हूँ।

अब आईने से नज़र मिलती है तो,
एक अजनबी सा चेहरा दिखता है।
जिसे बनाने में उम्र गुज़ार दी,
अब उसी से मेरा पता पूछ रहा हूँ।

— हेमंत शर्मा ✍🏻✍🏻