जब पिता रोता है,
तब बच्चों की आँखों में सपने पलते हैं।
जब पिता अपनी इच्छाएँ मारता है,
तब बच्चों की ख्वाहिशें पूरी हो पाती हैं।
जब पिता दिन-रात मेहनत करता है,
तब बच्चों को सुकून का जीवन मिल पाता है।
जब पिता जिम्मेदारियों का बोझ उठाता है,
तब बच्चों के कंधे हल्के रह पाते हैं।
जब पिता रातों को चिंता में जागता है,
तब बच्चे बेफ़िक्र होकर सो पाते हैं।
जब पिता अपने दर्द छुपाता है,
तब बच्चों के चेहरों पर मुस्कान बनी रहती है।
जब पिता अपनी खुशियाँ कुर्बान करता है,
तब बच्चों की खुशियाँ त्योहार बन जाती हैं।
जब पिता धूप में जलता है,
तब बच्चों को छाँव नसीब होती है।
जब पिता फटे जूतों में सफ़र करता है,
तब बच्चों के कदम मंज़िल तक पहुँच पाते हैं।
जब पिता झोपड़ी में गुज़ारा करता है,
तब बच्चे पक्के मकानों के सपने जी पाते हैं।
जब पिता अपनी पूरी उम्र खपा देता है,
तब बच्चों का भविष्य संवर पाता है।
जब पिता चुपचाप दुख सहता जाता है,
तब परिवार हँसता-मुस्कुराता नज़र आता है।
पिता का जीवन बड़ा अजीब होता है,
पर हर बच्चा खुशनसीब होता है,
जिसके सिर पर पिता का साया होता है।
जो पिता पूरे परिवार का सहारा होता है,
अक्सर अंत में वही सबसे ज़्यादा हारा हुआ होता है।
🙏 हैप्पी फादर्स डे 💐