Monday, 19 October 2026

❤️ एक रिश्ता ❤️

एक रिश्ता बातों का, 
एक रिश्ता एहसासों का, 
एक रिश्ता बेवजह हँसने वाले ठहाकों का, 
एक रिश्ता अल्हड़पन का, नादानियों के मेल का,
एक रिश्ता बिन मौसम खिलते हुए ख़यालों का।

एक रिश्ता दोस्ती का, 
एक रिश्ता यारी का, 
एक रिश्ता रूठने की, 
एक रिश्ता मनुहारी का, 
एक रिश्ता कट्टी का, 
फिर ख़ुद ही मान जाने का,
एक रिश्ता छोटी-छोटी बातों पर मुस्कुराने का।

एक रिश्ता फ़िक्र का, 
एक रिश्ता बेचैनी का, 
एक रिश्ता राह तकने की, 
एक रिश्ता उदासी का, 
एक रिश्ता दूर भागने का, फिर लौटकर आने का, 
एक रिश्ता बिन कहे ही सब कुछ समझ जाने का।

एक रिश्ता चाहत का, 
एक रिश्ता राहत का, 
एक रिश्ता आदत का, 
एक रिश्ता इबादत का, 
एक रिश्ता आँखों का, 
एक रिश्ता निगाहों का, 
एक रिश्ता दिल में पलते अनकहे जज़्बातों का।

एक रिश्ता लड़ने का, 
एक रिश्ता मनाने का, 
एक रिश्ता हक़ जताकर फिर ख़ुद ही झुक जाने का, 
एक रिश्ता सम्मान का, 
मर्यादा निभाने का, 
एक रिश्ता अपनी ज़िद में भी अपनों को बचाने का।

एक रिश्ता मुलाक़ात का,
एक रिश्ता दूरी का, 
एक रिश्ता अधूरी बात का,
एक रिश्ता मजबूरी का, 
एक रिश्ता पास रहकर भी फ़ासले मिटाने का, 
एक रिश्ता दूर रहकर भी दिल के पास आने का।

एक रिश्ता आँखों का, 
जो बिन बोले कह जाए, 
एक रिश्ता ख़ामोशी का, 
जो दिल तक उतर जाए, 
एक रिश्ता हँसी का, 
जो हर ग़म भुला दे, 
एक रिश्ता आँसू का, जो दिल का बोझ घटा दे।

एक रिश्ता सुबह का, 
एक रिश्ता शाम का, 
एक रिश्ता मेरे नाम का, 
एक रिश्ता तेरे नाम का, 
एक रिश्ता मिलने की ख़ुशी, बिछड़ने के मलाल का, 
एक रिश्ता हर हाल में एक-दूजे के ख़याल का।

एक रिश्ता आदतों का, 
जिन्हें बदलना मुश्किल है, एक रिश्ता चाहतों का, 
जिन्हें समझना मुश्किल है,
एक रिश्ता उलझनों का, 
फिर भी सुलझ जाने का, 
एक रिश्ता लाख रूठकर भी न बिखर जाने का।

न ये सिर्फ़ दोस्ती का, 
न मोहब्बत का नाम है, 
न ये कोई साधारण-सा, 
बस रिश्ता आम है, 
कभी चाहत, 
कभी राहत, 
कभी दिल का सुकून है, 
एक रिश्ता ऐसा अपना, 
जो हर रिश्ते से ख़ास है। ❤️

— हेमंत शर्मा

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