वो मन के अच्छे लोगों को नहीं अपनाते।
चेहरे की चमक में उलझे रहते हैं,
दिल की सच्चाई को कहाँ पहचान पाते हैं।
जो बिना मतलब साथ निभाते हैं,
वो ही अक्सर दूर कर दिए जाते हैं,
और जो मतलब से पास आते हैं,
उन्हीं को अपना समझ बैठते हैं।
अच्छे लोग शोर नहीं करते,
बस खामोशी से रिश्ते निभाते हैं,
जब तक साथ रहते हैं कदर नहीं होती,
दूर चले जाएँ तो बहुत याद आते हैं।
कुछ लोग आज भी समझ नहीं पाते,
वो मन के अच्छे लोगों को नहीं अपनाते,
फिर उम्र भर तलाशते रहते हैं उन्हें,
जो कभी उनके पास थे… मगर वो पहचान नहीं पाते।
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