किसी की फिक्र करो तो,
उससे ज़िक्र ज़रूर करना।
किसी का साथ होना ज़रूरी है,
जिंदगी का सफ़र अकेले मत करना।
नाराज़गी बहुत बिखरी पड़ी है,
हर किसी को मनाना मुश्किल है।
कभी किसी के लिए थोड़ा रुक जाना,
ज़िंदगी का सफ़र अकेले मत करना।
दुःख आने के हज़ारों रास्ते हैं,
ख़ुशी की राह ढूंढनी पड़ती है।
भटकने से हासिल कुछ न होगा,
ज़िंदगी का सफ़र अकेले मत करना।
हर कोई ऊब गया है, एक-दूसरे से,
कब तक अकेले इम्तिहान देना होगा।
जो अपने लगें, उन्हें थामे रखना,
ज़िंदगी का सफ़र अकेले मत करना।
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