Thursday, 11 December 2025

✨ अगले मोड़ पर मोहब्बत ✨


अगले मोड़ पर सुकून होगा,
चल ज़िंदगी थोड़ा और चलें।
अभी रिश्तों में थोड़ी नमी है,
आगे दिलों में कोई भीगी कहानी मिले।

कदम थमा नहीं करते,
दर्द भी राहों में साथी बन चले;
हर मोड़ पर एक नया दर्द मिलता है,
क्या पता दर्द बाँटने वाला अगले मोड़ पर मिले।

कभी कोई मुस्कान राह रोक ले,
तो शायद दिल फिर से यक़ीन करना सीख ले;
टूटे मौसम भी नए रंग दिखाते हैं,
जब किसी की आँखों में अपना-सा नूर मिले।

चल, उम्मीद का हाथ थाम लें,
अधूरी चाहतें भी पूरी बन कर खिल उठें;
क्या पता अगले पते पर
किसी दिल के दरवाज़े पर हमारा नाम लिख दे।

फिर सफ़र भी क्या-ही प्यारा लगे,
जब साथ में हाथ की गर्माहट मिले;
दुनिया अपनी जगह रहे—
और हम छोटी-सी ख़ुशी में पूरी दुनिया पा लें।

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