वो चाहते हैं उन्हें चाहा भी जाए,
और उनसे कोई उम्मीद भी न लगाई जाए।
हर नज़र में उनकी तस्वीर बसी रहे,
और उन्हें देखा भी ना जाए।
उनकी दुनिया में आप शामिल ना रहें,
आपकी ज़िंदगी में कोई और आ ना पाए।
वो महकते रहें आपकी रूह में इत्र की तरह,
आपको किसी और की खुशबू भी न आए।
आपकी हर दुआ में उनका ही नाम रहे,
पर उन्हें कभी पुकारा भी न जाए।
आप टूटें तो भी उनकी खातिर मुस्कुराएँ,
और उनका हाल पूछना भी ज़रूरी न समझा जाए।
आपके ख्वाबों में वो बेधड़क उतर आएँ,
पर आपको उनके ख्वाब में जगह न दी जाए।
आप हर मोड़ पर बस उनका इंतज़ार करें,
और वो आएँ… या न आएँ, कुछ कहा न जाए।
वो चाहते हैं मोहब्बत मुकम्मल मिले,
पर उस मोहब्बत का हिसाब न लगाया जाए।
उनकी ख़ामोशी में प्यार बस यूँ ही रहे,
चाहा जाए बेइंतहा…
पर कभी जताया न जाए।
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